हॉकी में मनप्रीत सिंह का महा-कीर्तिमान: दिग्गज दिलीप टिर्की को पछाड़ बने भारत के सबसे बड़े 'सिक्सर किंग', दर्ज किया ऐतिहासिक रिकॉर्ड
खेल डेस्क: भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और स्टार मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज करा लिया है। वह भारत के लिए सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले हॉकी खिलाड़ी बन गए हैं। नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में FIH प्रो लीग के दौरान जर्मनी के खिलाफ मैदान पर उतरते ही उन्होंने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया।
दिलीप टिर्की के सर्वकालिक रिकॉर्ड को किया ध्वस्त
33 वर्षीय मनप्रीत सिंह ने इस मुकाबले में खेलते ही अपने करियर का 413वां अंतरराष्ट्रीय मैच पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व दिग्गज कप्तान और मौजूदा हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की के 412 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मनप्रीत अब भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं और वर्तमान समय में दुनिया के एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी हैं जिन्होंने 400 से अधिक मैच खेले हैं।
33 वर्षीय मनप्रीत सिंह ने इस मुकाबले में खेलते ही अपने करियर का 413वां अंतरराष्ट्रीय मैच पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व दिग्गज कप्तान और मौजूदा हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की के 412 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मनप्रीत अब भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं और वर्तमान समय में दुनिया के एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी हैं जिन्होंने 400 से अधिक मैच खेले हैं।
हॉकी इंडिया ने किया 10 लाख रुपये का इनाम घोषित
इस बेमिसाल उपलब्धि पर Hockey India ने मनप्रीत सिंह को बधाई दी और उनके इस ऐतिहासिक योगदान को सलाम करते हुए 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
इस बेमिसाल उपलब्धि पर Hockey India ने मनप्रीत सिंह को बधाई दी और उनके इस ऐतिहासिक योगदान को सलाम करते हुए 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
टोक्यो और पेरिस ओलंपिक के महानायक
2011 में महज 19 साल की उम्र में पदार्पण करने वाले मनप्रीत सिंह पिछले डेढ़ दशक से भारतीय हॉकी की रीढ़ बने हुए हैं। उनकी कप्तानी में ही भारत ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में 41 साल का सूखा खत्म कर कांस्य पदक जीता था, जिसके बाद पेरिस 2024 ओलंपिक में भी टीम ने लगातार दूसरा कांस्य अपने नाम किया।
2011 में महज 19 साल की उम्र में पदार्पण करने वाले मनप्रीत सिंह पिछले डेढ़ दशक से भारतीय हॉकी की रीढ़ बने हुए हैं। उनकी कप्तानी में ही भारत ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में 41 साल का सूखा खत्म कर कांस्य पदक जीता था, जिसके बाद पेरिस 2024 ओलंपिक में भी टीम ने लगातार दूसरा कांस्य अपने नाम किया।
अगला लक्ष्य: विश्व रिकॉर्ड और ओलंपिक 2028
इस ऐतिहासिक पल के बाद मनप्रीत सिंह का हौसला और बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि उनकी नजरें अब बेल्जियम के जॉन-जॉन डोहमेन के 481 मैचों के सर्वकालिक विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने और 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में देश को स्वर्ण पदक दिलाने पर टिकी हैं।
इस ऐतिहासिक पल के बाद मनप्रीत सिंह का हौसला और बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि उनकी नजरें अब बेल्जियम के जॉन-जॉन डोहमेन के 481 मैचों के सर्वकालिक विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने और 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में देश को स्वर्ण पदक दिलाने पर टिकी हैं।
दीपेंद्र सिंह (संपादक)
रिपोर्टर:- पुष्पराज सिंह
