पर्यावरण मंजूरी के बिना नहीं शुरू होगा नया प्रोजेक्ट
केंद्र को लगा सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बिना पूर्व पर्यावरण मंजूरी शुरू हुई परियोजनाओं को पिछली तारीख से ग्रीन क्लीयरेंस देने संबंधी केंद्र सरकार के 2021 के ऑफिस मेमोरेंडम को रद्द कर दिया. अदालत ने कहा कि अब किसी भी नई परियोजना पर काम शुरू करने से पहले पर्यावरण मंजूरी लेना अनिवार्य होगा. हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं पर पहले से काम शुरू हो चुका है, उन्हें इस फैसले से प्रभावित नहीं किया जाएगा. यह आदेश केवल भविष्य में शुरू होने वाली परियोजनाओं पर लागू होगा.
इस मामले में पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्था 'वनशक्ति' ने केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. संस्था का कहना था कि पहले काम शुरू करना और बाद में पर्यावरण मंजूरी लेना पर्यावरण कानूनों की मूल भावना के खिलाफ है.
पर्यावरण मंजूरी पर पहले पलटा था फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने पहले की सुनवाई में भी कहा था कि काम शुरू होने के बाद दी जाने वाली पर्यावरण मंजूरी (पोस्ट-फैक्टो मंजूरी) कानून के खिलाफ है. इसके बाद CREDAI समेत रियल एस्टेट और डेवलपर संगठनों ने पुनर्विचार याचिका दायर की. इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पीठ ने 2:1 के बहुमत से पहले के आदेश को वापस ले लिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने ताजा फैसले में एक बार फिर साफ कर दिया है कि पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. अदालत ने कहा कि किसी भी उद्योग या परियोजना पर काम शुरू करने से पहले पर्यावरण से जुड़ी सभी जरूरी मंजूरियां लेना अनिवार्य होगा.
इस फैसले को पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से अहम माना जा रहा है. अदालत ने कहा कि पहले परियोजना शुरू करना और बाद में पर्यावरण मंजूरी लेना कानून की मंशा के खिलाफ है. अब भविष्य में किसी भी नई परियोजना पर पर्यावरण मंजूरी मिलने से पहले काम शुरू नहीं किया जा सकेगा
दीपेंद्र सिंह (संपादक)
रिपोर्टर:- पुष्पराज सिंह