बाल विवाह पर सख्त संदेश: रायबरेली में 100 दिवसीय अभियान के तहत जागरूकता व शपथ कार्यक्रम सम्पन्न

बाल विवाह पर सख्त संदेश: रायबरेली में 100 दिवसीय अभियान के तहत जागरूकता व शपथ कार्यक्रम सम्पन्न

रायबरेली | 19 फरवरी 2026
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद रायबरेली में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर एवं मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता के निर्देशानुसार तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा के मार्गदर्शन में महिला कल्याण विभाग की टीम द्वारा विकास खंड हरचंदपुर एवं सतांव क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम संपन्न हुए।

इन कार्यक्रमों के दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को बाधित करता है। इससे उनका बचपन छिन जाता है और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। 18 वर्ष से कम आयु में विवाह करने वाली बालिकाओं के घरेलू हिंसा का शिकार होने की आशंका अधिक रहती है तथा उनकी शिक्षा भी अधूरी रह जाती है।

कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि बाल विवाह करना एक दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, 2 वर्ष तक का कठोर कारावास अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं। समाज, परिवार एवं प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाए, तभी “बाल विवाह मुक्त भारत” का लक्ष्य साकार हो सकेगा।

अधिकारियों ने बताया कि विवाह की न्यूनतम आयु बालिका के लिए 18 वर्ष एवं बालक के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई गई।

साथ ही विभागीय योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, 181 महिला हेल्पलाइन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं निराश्रित विधवा पेंशन योजना की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक शेफाली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी, विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

दीपेंद्र सिंह (संपादक)
रिपोर्टर:- अमान अंसारी

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