सिलिकॉन भारत: चिप मैन्युफैक्चरिंग में सुपरपावर बनने की दिशा में 11 अरब डॉलर का बड़ा दांव
इस योजना का उद्देश्य पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करना है—जिसमें चिप डिजाइन, निर्माण (फैब्रिकेशन) और सप्लाई चेन शामिल हैं। दुनिया भर में चिप्स की बढ़ती मांग के बीच, भारत अब आयात पर निर्भरता कम करके Taiwan और South Korea जैसे देशों को टक्कर देने की तैयारी में है।
सेमीकंडक्टर आज के दौर में हर जगह जरूरी हैं—चाहे वह स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या डिफेंस टेक्नोलॉजी हो। ऐसे में यह निवेश सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से:
• भारत में बड़े ग्लोबल चिप कंपनियों का निवेश बढ़ेगा
• हाई-टेक सेक्टर में रोजगार के नए अवसर बनेंगे
• देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी
अगर यह योजना सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में भारत एक बड़े टेक उपभोक्ता से आगे बढ़कर वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माता के रूप में उभर सकता है।
दीपेंद्र सिंह (संपादक)
रिपोर्टर:- अमान अंसारी
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