जिंदा होते हुए ‘मृत’ घोषित! Dinesh Kumar Mishra की 3 साल की जंग – कागज़ों में मौत, हकीकत में ज़िंदगी
मामला वर्ष 2022 का बताया जा रहा है, जब उनकी पत्नी और बच्चों ने कथित तौर पर उन्हें मृत दिखाकर मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया। हैरानी की बात यह है कि सदर तहसील से उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र भी जारी हो गया, जिससे उनकी संपत्ति पर अधिकार का रास्ता साफ हो गया।
जब यह पूरी घटना Dinesh Kumar Mishra के सामने आई, तो वे स्तब्ध रह गए। अब वे खुद को जीवित साबित करने के लिए लगातार अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं।
पीड़ित का आरोप है कि यह पूरा मामला उनकी संपत्ति हड़पने की साजिश है, जिसे प्रशासनिक लापरवाही ने और आसान बना दिया। एक जीवित व्यक्ति को कागज़ों में मृत घोषित कर देना न सिर्फ गंभीर त्रुटि है, बल्कि उनके पहचान और अधिकारों पर भी सीधा खतरा है।
दीपेंद्र सिंह (संपादक)
रिपोर्टर:- अमान अंसारी