संवेदनशील डीएम की मिसाल के बीच लालगंज तहसील में संवेदनहीनता! बुजुर्ग दंपत्ति को घंटों खड़ा रखता रहा नायब तहसीलदार

संवेदनशील डीएम की मिसाल के बीच लालगंज तहसील में संवेदनहीनता! बुजुर्ग दंपत्ति को घंटों खड़ा रखता रहा नायब तहसीलदार

रायबरेली में प्रशासनिक संवेदनशीलता और लापरवाही की दो तस्वीरें एक साथ सामने आई हैं। एक ओर जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका जहां आम जनता की समस्याएं सुनने के लिए अपनी कुर्सी तक छोड़ देती हैं, वहीं दूसरी ओर उनके ही अधीनस्थ अधिकारी इस संवेदनशीलता को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं।


मामला लालगंज तहसील का है, जहां तैनात नायब तहसीलदार (वर्तमान में तहसीलदार का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे) शिवम राठौर के सामने एक बुजुर्ग दंपत्ति अपनी समस्या लेकर पहुंचे। आरोप है कि दंपत्ति को लंबे समय तक खड़े रहकर गुहार लगानी पड़ी, लेकिन अधिकारी ने उन्हें बैठने तक के लिए नहीं कहा।

यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कुछ अधिकारियों के लिए “कुर्सी का अहंकार” अब भी जनता की पीड़ा से बड़ा है।

जब एक ओर डीएम खुद संवेदनशीलता की मिसाल पेश कर रही हों, ऐसे में अधीनस्थ अधिकारियों का यह रवैया शासन की छवि को धूमिल करता है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।

दीपेंद्र सिंह (संपादक)
रिपोर्टर:- अमान अंसारी

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