2.50 लाख श्रमिकों की बनेगी फैमिली आईडी, 26 हजार के बनेंगे आयुष्मान कार्ड

24 सितंबर से अलग-अलग स्थानों पर लगेंगे शिविर, स्वास्थ्य विभाग की टीम भी रहेगी मौजूद

रायबरेली। जिले में श्रम विभाग में पंजीकृत करीब 2.50 लाख श्रमिकों की फैमिली आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके साथ ही चिन्हित 26 हजार श्रमिकों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए जाएंगे। श्रमिकों और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से दिलाने के लिए विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों पर शिविर लगाए जाएंगे।

शिविर में होगा पंजीकरण और स्वास्थ्य परीक्षण

शिविरों में श्रमिकों के फैमिली आईडी से संबंधित कार्य के साथ स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम श्रमिकों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श देगी। जरूरत के अनुसार श्रमिकों को स्वास्थ्य सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा।

सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मिलेगी सहूलियत

सहायक श्रमायुक्त उमेश कुमार ने बताया कि जिले में श्रम विभाग में करीब ढाई लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। पात्र श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए फैमिली आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए श्रमिकों को शिविर में पहुंचकर आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे। फैमिली आईडी बनने के बाद सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में आसानी होगी।

इन तारीखों में लगेंगे शिविर

श्रमिकों की सुविधा के लिए विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। कैपरगंज में 24 व 25 सितंबर, चंपा देवी मंदिर के पास 28 व 29 सितंबर तथा गोल चौराहा पर 1 व 2 अक्टूबर को शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों की जानकारी श्रमिकों को विभागीय स्तर से भी दी जाएगी।

श्रमिकों ने फैसले को बताया सुविधाजनक

ऊंचाहार के रमेश कुमार और रोहनिया के राकेश सरोज ने बताया कि फैमिली आईडी बनने से उनके और परिवार के सदस्यों का रिकॉर्ड एक ही जगह उपलब्ध रहेगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी। वहीं जगतपुर की राजरानी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनने से उपचार कराने में आर्थिक मदद मिलेगी। श्रमिकों रामसुख, द्रौपदी, धीरज और गंगासेवक ने भी शासन के इस कदम को श्रमिक हित में बताया।


दीपेंद्र सिंह (प्रधान संपादक)
रिपोर्टर :-शादमान खान








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