डीएम की पहल से निखरेगी प्रतिभा, 50 छात्रों ने निबन्ध प्रतियोगिता में दिखाया हुनर।

 

डीएम की पहल से निखरेगी प्रतिभा, 50 छात्रों ने निबन्ध प्रतियोगिता में दिखाया हुनर।

शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर जोर, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश।

रायबरेली, 15 सितम्बर 2026  जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देशानुसार जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, शेषपुर, समोधा में विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन, रचनात्मक क्षमता एवं सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के 50 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।


प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में लेखन कौशल, सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

उल्लेखनीय है कि तीन दिन पूर्व जिलाधिकारी ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, शेषपुर, समोधा का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर, शिक्षण कक्ष, प्रयोगशाला, किचन, डायनिंग हॉल एवं छात्रावास का निरीक्षण करने के साथ विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं, रुचियों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली थी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए थे कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ क्विज, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रचनात्मक गतिविधियों एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों का नियमित आयोजन कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और हुनर प्रदर्शित करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें।

इसी क्रम में आयोजित निबन्ध प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए सीखने के साथ अपनी प्रतिभा को सामने रखने का अवसर बनी। इस तरह की गतिविधियों से विद्यार्थियों की रुचि और क्षमता को पहचानने तथा उन्हें उचित दिशा देने में सहायता मिलेगी।

जिलाधिकारी ने जोर दिया है कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप खेल, कला, संस्कृति, विज्ञान, तकनीकी, सामान्य ज्ञान एवं अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

उन्होंने कहा कि बेहतर अवसर और सकारात्मक वातावरण मिलने से विद्यार्थी आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं। आज के विद्यार्थी ही देश के भविष्य के कर्णधार हैं। उनकी प्रतिभा को प्रारंभ से पहचानकर उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया जाए तो वे भविष्य में अपने माता-पिता, शिक्षकों, जनपद, प्रदेश एवं देश का नाम रोशन कर सकते हैं।


दीपेंद्र सिंह (प्रधान संपादक)

रिपोर्टर:- पुष्पराज सिंह

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