रायबरेली में डीएम हर्षिता माथुर का बड़ा एक्शन: एक दिन में ₹1.34 करोड़ राजस्व, 18 बकायेदारों पर ₹2.25 करोड़ की RC जारी
जनपद में शहरी नियोजन और अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने बड़ा और प्रभावी कदम उठाया है। रायबरेली विकास प्राधिकरण (RDA) में आयोजित विशेष मानचित्र निस्तारण कैंप के दौरान न केवल लंबित मामलों का समाधान हुआ, बल्कि सरकारी खजाने में करोड़ों रुपये का राजस्व भी जमा हुआ।
🔍 डीएम की मौजूदगी में त्वरित निस्तारण
जिलाधिकारी की प्रत्यक्ष निगरानी में आयोजित इस कैंप में कुल 25 जटिल मानचित्र मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इस त्वरित कार्रवाई से विकास प्राधिकरण को एक ही दिन में ₹1 करोड़ 34 लाख रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ।
डीएम हर्षिता माथुर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि उन्हें नियमों के अनुसार सुरक्षित और वैध निर्माण के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा—
“सभी भवन स्वामी अपने आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का मानचित्र समय से पास कराएं। अवैध निर्माण से बचें और नियमानुसार निर्माण कराएं।”
⚖️ बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई
कैंप के दौरान प्रशासन का सख्त रुख भी सामने आया। विकास प्राधिकरण की कमर्शियल दुकानों के आवंटन के बाद किस्तों का भुगतान न करने वाले 18 बकायेदारों को चिन्हित किया गया।
बार-बार नोटिस के बावजूद भुगतान न करने पर इन सभी के खिलाफ ₹2 करोड़ 25 लाख रुपये की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी की गई है।
यह कार्रवाई विभाग में पहली बार इस स्तर पर की गई है, जिससे बकायेदारों में हड़कंप मच गया है।
👥 प्रशासनिक अमला रहा सक्रिय
इस विशेष कैंप में एडीएम विशाल यादव, एसडीएम सचिन यादव सहित विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फाइलों की गहन जांच कर मौके पर ही आवेदकों की समस्याओं का समाधान किया।
🏗️ निष्कर्ष
रायबरेली प्रशासन की यह कार्रवाई अवैध कॉलोनियों और बिना मानचित्र निर्माण पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा संकेत है।
18 बकायेदारों पर आरसी जारी होना यह दर्शाता है कि अब सरकारी बकाये की अनदेखी करना महंगा पड़ सकता है।
दीपेंद्र सिंह (संपादक)
रिपोर्टर:- अमान अंसारी