डीएम की जनसुनवाई बनी सहारा: 14 साल से लंबित पेंशन दिलाकर उषा सिंह को मिली बड़ी राहत

डीएम की जनसुनवाई बनी सहारा: 14 साल से लंबित पेंशन दिलाकर उषा सिंह को मिली बड़ी राहत

रायबरेली | 09 अप्रैल 2026
रायबरेली में आयोजित जनसुनवाई एक बार फिर आम जनता के लिए राहत का माध्यम साबित हुई, जब जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने एक वर्षों से लंबित मामले का त्वरित समाधान करते हुए आवेदिका को पारिवारिक पेंशन का लाभ दिलाया।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्राम छोटी केसरिया निवासी उषा सिंह ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर पारिवारिक पेंशन बहाल करने की मांग की। उन्होंने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय शिव बक्श सिंह पंचायती राज विभाग में सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे और वर्ष 1996 तक पेंशन प्राप्त करते रहे। उनके माता-पिता के निधन के बाद उषा सिंह को वर्ष 2005 तक पारिवारिक पेंशन मिलती रही, लेकिन उसके बाद यह बंद हो गई।
वर्ष 2012 में शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अविवाहित आश्रित पुत्री को आजीवन पेंशन देने का प्रावधान किया गया था, लेकिन इस नियम की जानकारी न होने के कारण उषा सिंह इस लाभ से वंचित रहीं। जानकारी मिलने पर उन्होंने जनसुनवाई में आवेदन किया।

जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए वरिष्ठ कोषाधिकारी डॉ. भावना श्रीवास्तव को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। तत्परता दिखाते हुए कोषागार विभाग ने जिला पंचायत राज अधिकारी सौम्यशील सिंह के सहयोग से पेंशन निदेशालय से समन्वय स्थापित कर प्रकरण का शीघ्र निस्तारण किया।

परिणामस्वरूप, उषा सिंह को वर्ष 2012 से मार्च 2026 तक लगभग 14 वर्षों की एरियर पेंशन राशि प्रदान की गई और उनकी नियमित पारिवारिक पेंशन भी पुनः शुरू कर दी गई।
पेंशन मिलने के बाद उषा सिंह ने जिलाधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। यह प्रकरण प्रशासन की संवेदनशीलता और जनसुनवाई की प्रभावशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।

दीपेंद्र सिंह (संपादक)
रिपोर्टर:- अमान अंसारी

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