एडीएम ने खेतों में पहुंचकर की क्रॉप कटिंग, गेहूँ की पैदावार का किया सटीक आकलन

एडीएम ने खेतों में पहुंचकर की क्रॉप कटिंग, गेहूँ की पैदावार का किया सटीक आकलन

रायबरेली | 13 अप्रैल 2026
जनपद रायबरेली में गेहूँ की वास्तविक पैदावार का आंकलन करने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) अमृता सिंह ने सदर तहसील क्षेत्र के अमावां ब्लॉक के सिधौना गांव में क्रॉप कटिंग का निरीक्षण किया। उनके निर्देशन में किसानों के खेतों में फसल कटाई कर उत्पादकता का आकलन किया गया।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत चयनित खेतों में वैज्ञानिक पद्धति से एक निश्चित त्रिकोण क्षेत्र निर्धारित कर गेहूँ की फसल काटी गई, जिससे प्रति हेक्टेयर उत्पादन का सही आंकड़ा प्राप्त किया जा सके। इस प्रक्रिया के तहत तीन खेतों में क्रॉप कटिंग की गई।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, गाटा संख्या 275 में लगभग 17.800 किलोग्राम उत्पादन के आधार पर 40.00 कुंतल प्रति हेक्टेयर उपज दर्ज की गई। वहीं गाटा संख्या 274 में 17.300 किलोग्राम के आधार पर भी लगभग 40.00 कुंतल प्रति हेक्टेयर उत्पादन प्राप्त हुआ।

निरीक्षण के दौरान एडीएम अमृता सिंह ने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी गेहूँ की उपज धान क्रय केंद्रों पर ही बेचें, ताकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने किसानों को कृषि अवशेष (पराली) न जलाने की भी अपील की।

उन्होंने बताया कि क्रॉप कटिंग एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें रेंडम आधार पर खेतों का चयन कर फसल की वास्तविक उत्पादकता का आकलन किया जाता है। यदि किसी क्षेत्र में उत्पादन कम पाया जाता है, तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कंपनियों द्वारा किसानों को क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है। इसलिए किसानों को अधिक से अधिक फसल बीमा कराने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर तहसीलदार आकृति श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक राजेन्द्र कुमार सिंह, लेखपाल प्रज्ञा जायसवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

दीपेंद्र सिंह (संपादक)
रिपोर्टर:- अमान अंसारी

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