बिजली कटौती से बेहाल उपभोक्ता, हर दो घंटे में गुल हो रही बिजली

रायबरेली। बिजली की मांग में करीब 100 मेगावाट की कमी आने के बावजूद जिले में बिजली कटौती का संकट बरकरार है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अघोषित कटौती और फाल्ट के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में शाम छह बजे से सुबह आठ बजे तक हर दो घंटे में बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं।

शहर के इंदिरा नगर उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों में बार-बार बिजली गुल होने से करीब 40 हजार उपभोक्ता प्रभावित हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली जाने के बाद शिकायत के लिए फोन करने पर अभियंता फोन तक नहीं उठाते। प्रगतिपुरम, आचार्य द्विवेदी नगर और अमावां उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में भी यही स्थिति बनी हुई है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि अनुरक्षण और मेंटीनेंस के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और खराब है। शाम के समय कटौती से महिलाओं को खाना बनाने और बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है।

गदागंज के रामसिंह यादव, डलमऊ के रामकेश तिवारी और लालगंज के मुकेश कुमार ने बताया कि शाम के समय बिजली कटौती से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। बछरावां के रामशंकर, सलोन के बसंतलाल और रामलाल यादव ने बताया कि रात में बिजली बंद रहने से गर्मी और उमस के कारण लोगों को परेशानी होती है।

सतांव के ग्रामीण मोहम्मद सुहैल, दिनेश कुमार, ललऊ और संदीप ने बताया कि दिन में फाल्ट ठीक करने के नाम पर बिजली बंद रहती है, जबकि रात में अघोषित कटौती की जाती है। उनका कहना है कि 18 घंटे में मुश्किल से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।

100 मेगावाट घटी मांग, फिर भी संकट बरकरार

जून और जुलाई में जिले में बिजली की अधिकतम मांग 390 मेगावाट तक पहुंच गई थी। अब मांग घटकर करीब 290 मेगावाट रह गई है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत नहीं मिल रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बारिश के दौरान उत्पादन इकाइयों में कोयला भीगने से बिजली उत्पादन प्रभावित होता है।

ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता मयंक मौर्य ने बताया कि पावर ग्रिड को नियंत्रित करने के लिए ऊपर से अघोषित कटौती कराई जाती है।

रात में लगातार हो रही कटौती को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। जगतपुर के जिला पंचायत सदस्य राकेश सिंह राना ने पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कटौती से बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों के साथ किसानों को भी परेशानी हो रही है। उन्होंने रात की अघोषित कटौती बंद कराने की मांग की।


दीपेंद्र सिंह (प्रधान संपादक)
रिपोर्टर :-शादमान खान

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